Breaking News
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में आज चार नए जजों को दिलाई शपथ
  • ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम की सफलता पर भड़का पाकिस्तान
  • आर्मी चीफ बिपिन रावत का बयान, पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकी कैंपों को फिर से सक्रिय कर दिया है
  • गृह मंत्री ने कहा कि कहा कि 2021 की जनगणना में मोबाइल एप का प्रयोग होगा

1 साल में बीजेपी ने खोए अपने 5 अनमोल रत्न, अगस्त ने दिया बड़ा जख्म

नई दिल्ली : जख्म-ए दस्तूर का क्या कहे ए दोस्त, मार्च नवंबर ने रूलाया अगस्त भी पुरजोर

    हमने खोए वो पांच रत्न, जो थे देश के होश।

ये अगस्त दोबारा न आए, शायद ऐसा ही सोचना होगा बीजेपी का। जिस माह ने इस पार्टी के एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन रत्न को छिना। पहले देश के जाने-माने राजनीतिज्ञ एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, जिन्होंने 16 अगस्त 2018 को अंतिम सांस ली। जिनके शासनकाल में देश ने कई ऊंचाईयों को छुआ। हमारा देश परमाणु युक्त इनके ही शासनकाल में बना। दूसरे देश की जाने माने प्रखर वक्ता, जिन्होंने अपने शब्दों के जरिए कई लोगों को निःशब्द कर दिया। हम बात कर रहें है देश के पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज की। जिनके शासनकाल में भारत ने कई वैश्विक ऊंचाईयों को छुआ। इनके ममत्व के कारण ही कई बिछड़े हुए बच्चे, अपने अपने परिवार से मिल सके। चाहे वह पाकिस्तान हो या भारत। 7 अगस्त 2019 को सुषमा स्वाराज ने देश को सदा के लिए अलविदा कह दिया।

अब हम बात कर रहें हैं देश के जाने-माने अधिवक्ता एवं पूर्व वित्तमंत्री अरूण जेटली की, जिन्होंने कई दिनों के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार हार मान ही ली और 24 अगस्त 2019 को इन्होंने अंतिम सांस ली। ये जितने प्रखर वक्ता थे, उतने ही सरल और सहज स्वभाव के इंसान भी। बता दें कि इस अगस्त माह ने बीजेप के तीन आधारभूत स्तंभ को उनसे छिन लिया।

अगर हम मार्च और नवंबर की बात करें तो केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार का निधन पिछले साल 12 नवंबर को हुआ था। जिन्होंने 59 साल की उम्र में इस देश को सदा के लिए अलविदा कह दिया। बता दें कि अनंत कर्नाटक के बेंगलुरु साउथ से लगातार छह बार सांसद रहे। कुमार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी मंत्री रहे थे। जिन्हें सिविल एविशन विभाग की जिम्मेदारी मिली थी। बाद में वे टूरिज्म, स्पोर्ट्स, कल्चर और शहरी विकास मंत्री भी बने।

बता दें कि पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन 63 साल की उम्र में इसी साल 17 मार्च 2019 को हुआ था। आपको बता दें कि चार बार के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर फरवरी 2018 से ही अग्नाशय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे।

loading...