Breaking News
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में आज चार नए जजों को दिलाई शपथ
  • ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम की सफलता पर भड़का पाकिस्तान
  • आर्मी चीफ बिपिन रावत का बयान, पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकी कैंपों को फिर से सक्रिय कर दिया है
  • गृह मंत्री ने कहा कि कहा कि 2021 की जनगणना में मोबाइल एप का प्रयोग होगा

यूएई ने दिया पाकिस्तान को झटका, मोदी को दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद' सम्मान

नई दिल्ली :  धारा 370 हटने के बाद पाक को लगातार झटके पर झटका मिल रहा है। पहले जहां विश्व के विभिन्न मंचों ने पाक को दरकिनार कर झटका दिया, वहीं अब मुस्लिम देशों में से एक अपना सर्वोच्च स्थान रखने वाले यूएई ने भी पाक को झटका दिया। यूएई ने कश्मीर मसले पर भारत का पक्ष लेते हुए कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मसला है। बता दें कि पाक लगातार कश्मीर मसले पर मुस्लिम देशों से समर्थन की अपील कर रहा है। लेकिन यूएई का यह बयान पाक के लिए एक बड़ा सिरदर्द है।

आपको बता दें कि यूएई ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से नवाजा है। पीएम मोदी ने कहा, “इस पुरस्कार को लेकर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह भारत की 1.3 अरब जनता का सम्मान है। यह दोनों देशों के बीच साझा सुरक्षा, शांति और समृद्धि के लिए रिश्तों के अभूतपूर्व तालमेल को दर्शाता है।’

इस दौरान पीएम मोदी ने यूएई को भी संबोधित किया। मोदी ने कहा, ‘द्विपक्षीय संबंध को मजबूती प्रदान करना उनकी सरकार की विदेश नीति की सबसे अहम प्राथमिकता है। मैं खुश हूं कि यूएई का नेतृत्व भी भारत के साथ संबंधों को इसी प्रकार की अहमियत देता है। इस संबंध के लिए आकाश की भी कोई हद नहीं है।"

उन्होंने कहा कि, "क्राउन प्रिंस और मैं एक दूसरे को भाई के रूप में सम्मान करते हैं। हमारे बीच अतिशय मित्रभाव और परस्पर सम्मान की भावना विकसित हुई है। मेरा विश्वास है कि हम दोनों के बीच बेहतरीन ताल्लुकात काफी अहम है जिससे हमारी साझेदारी की सच्ची संभावना की समझ बनी है।"

पीएम मोदी ने कहा, "इसके परिणामस्वरूप, भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय संबंध पिछले चार साल में जितना प्रगाढ़ हुआ उतना पहले कभी नहीं हुआ। नेतृत्व की ओर से हमें बेहतरीन सहयोग मिला जिससे हम न सिर्फ ऊर्जा और एक-दूसरे देशों के लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्र में संबंधों में बदलाव लाने में समर्थ हुए हैं बल्कि व्यापार, निवेश, खाद्य व सुरक्षा के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ा पाए हैं।"

मोदी ने कहा कि, "जहां तक अनुच्छेद 370 का सवाल है तो हमने अपने आंतरिक मसले पर पूर्ण रूप से लोकतांत्रिक, प्रत्यक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक तरीके से कदम उठाए हैं। इन कदमों का मकसद अलगाव को समाप्त करना है जिसके कारण जम्मू-कश्मीर कुछ लोगों के निहित स्वार्थ के चलते अल्पविकसित रहा। इस पृथककरण के कारण कुछ युवाओं को गुमराह किया गया उनको कट्टरपंथी बनाया गया और हिंसा व आतंकवाद के लिए प्रेरित किया गया।"

उन्होंने कहा कि, "हम अपने समरसतापूर्ण समाज में इन प्रवृत्तियों को पैर जमाने और पूरे देश के विकास के प्रमुख कार्य से हमें भटकाने की इजाजत नहीं दे सकते हैं। मैं यूएई और इसके नेतृत्व की समझ की सराहना करता हूं जिन्होंने हमारे कदमों का समर्थन किया है।"

व्यापार और निवेश के मसले पर मोदी ने कहा कि, "भारत में 75 अरब डॉलर का निवेश करने की यूएई की प्रतिबद्धता अहम बदलाव का सूचक है। पिछले कुछ वर्षो में पोर्ट्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और आवास के क्षेत्र में यूएई से आने वाले निवेश में इजाफा हुआ है, लेकिन हमारा संबंध आंकड़ों से नहीं है बल्कि यह एक रणनीतिक साझेदारी है जो साझी दूरदर्शिता और उद्देश्य पर आधारित है।"

उन्होंने कहा कि, "अगले पांच साल निवेश केंद्रित विकास पर निगाह होगी। आगामी पांच साल में हमारा लक्ष्य 15 खरब डॉलर निवेश का है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार घरेलू और विदेशी स्रोतों से इन्फ्लो (पूंजी आगम) बढ़ाने की नीतियों पर काम कर रही है।"

मोदी ने कहा कि, "हमने अगले पांच साल में देश को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। यूएई अपने परंपरागत सेक्टर की ताकत के बाहर जाकर अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता ला रहा है। यह हम दोनों के लिए लाभकारी है।"

डब्ल्यूएएम को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले चार साल में यूएई के उनके तीसरे दौरे से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में आई गहराई को बनाए रखने की इच्छा शक्ति प्रतिबिंबित होती है।

loading...