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सिरिसेना को SC का करारा झटका, अब नहीं रहेंगे राजपक्षे प्रधानमंत्री !

नई दिल्ली : श्रीलंकाई राष्ट्रपति और नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को श्रीलंका सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया है। आपको बता दें कि कोर्ट ने सिरिसेना के उस आदेश को पलट दिया हैं जिसके बलबुते उन्होंने राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। बता दे कि सोमवार को श्रीलंका की राजनीतिक पार्टियों और चुनाव आयोग के एक सदस्य ने सिरिसेना को सुप्रीम कोर्ट में घसीटते हुए संसद भंग करने के उनके विवादित फैसले को चुनौती दी थी।

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गौरतलब हैं कि सिरिसेना ने संसद को भंग उस समय किया जब विक्रमसिंघे ने संसद में बहुमत साबित करने का दावा किया था। जिसके बाद संसद के स्पीकर ने विक्रमसिंघे को बर्खास्त करने के राष्ट्रपति सिरिसेना के फैसले को मानने से इनकार कर दिया था। स्पीकर सदन में बहुमत साबित करने के लिए विक्रमसिंघे को मौका देने को भी राजी हो गए थे, फिर भी राष्ट्रपति सिरिसेना ने संसद को ही भंग कर दिया। इसके बाद सोमवार को श्रीलंका की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों और चुनाव आयोग के एक सदस्य ने राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को सुप्रीम कोर्ट में घसीटते हुए संसद भंग करने के उनके विवादित फैसले को चुनौती दी थी। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए श्रीलंका की शीर्ष अदालत ने राष्ट्रपति सिरिसेना के संसद भंग करने के फैसले को पलट दिया।

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बता दें कि सिरिसेना ने संसद का कार्यकाल समाप्त होने से करीब 20 माह पहले उसे भंग करने का फैसला किया था। उन्होंने 9 नवंबर को संसद भंग करने का फैसला लेते हुए अगले साल पांच जनवरी को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की थी। सिरिसेना ने संसद भंग करने का फैसला तब लिया था, जब उनको लगा कि 72 वर्षीय महिंदा राजपक्षे के पास प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए सदन में पर्याप्त संख्या बल नहीं है।

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