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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी जमकर हुआ कानून का उल्लंघन, ट्रकों पर लगी बैन के बाद...

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट द्वारा जहां पिछले वर्ष पटाखें छोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ था, वहीं इस वर्ष कोर्ट ने नई दिल्ली वासियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा छोड़ने की अनुमति दे दी। जिसके लिए कोर्ट ने समय का निर्धारण 8 से 10 बजे तक किया। कोर्ट के इस निर्णय के बावजूद भी कानून का जमकर उल्लंघन हुआ और देर रात तक पटाखा छोड़े गये। जिससे यहां के वातावरण में प्रदूषण का स्तर और भी खतरनाक हो गया।

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हालांकि आधी रात के बाद स्थिति में मामूली सुधार आया है। यह सुधार दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद आया है। गौरतलब है कि वातावरण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए शहर में ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी। दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह भी धुंध छायी रही और सुबह प्रदूषण की वजह से साफ साफ कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। जिस कारण तेज गति से चलने वाले वाहनों की दुर्घटना की स्थिति बनी हुई है।

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ट्रकों पर लगी रोक 

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार गुरुवार रात को सिंधु बॉर्डर पर भारी और मध्यम श्रेणी के वाहनों की जांच की गई और ऐसी गाड़ियों को दिल्ली की सीमा पर ही रोक लिया गया या उन्हें लौटा दिया गया। सब इंस्पेक्टर रमेश ने बताया, 'भारी और मध्यम श्रेणी के उन वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई जो फल, सब्जी, अनाज या आवश्यक वस्तुएं लेकर आ रहे थे अन्यथा उन्हें बॉर्डर से लौटा दिया गया।' उन्होंने बताया कि 8 नवंबर रात 11 बजे से 11 नवंबर रात 11 बजे तक ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर बंदिश लगा दी गई है।

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बता दें कि दिल्ली के आनंद विहार में शुक्रवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 585, अमेरिकी दूतावास के आसपास के इलाकों में 467 और आरके पुरम में 343 रही। यह सभी इलाके एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एआईक्यू की 'खतरनाक' श्रेणी में हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण यानी ईपीसीए ने डिजल से चलने वाले वाहन मालिकों से अनुरोध किया है कि तीन दिनों तक वे अपनी गाड़ी का इस्तेमाल न करें।

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