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कमलनाथ सरकार में कथित गोरक्षकों ने तीन लोगो को पीटा, गोमांस रखने का शक

मध्य प्रदेश : लोकसभा चुनाव के खत्म होते ही एक बार फिर तमाम ऐसे उपद्रवी सामने आने लगे है जो अपने द्वारा किये गये हिंसा को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते है। जिसमें वे कथित गोरक्षक भी है जो संदेह के आधार पर लोगों को बेरहमी से पिटते है। जिस मामले पर पुलिस प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक इस घटना पर मौन रहते है। कहा जाता है कि हमारे देश में लोकतंत्र का शासन है, अगर आपको किसी व्यक्ति पर संदेह है तो आप उसकी सूचना पुलिस को दे या उसे पकड़ कर रखें। लेकिन कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।

पर, जब सरकार और प्रशासन ही ऐसे कथित गो रक्षकों या हिंसाप्रवृति के लोगों को संरक्षण दें तब ये आमजन के सामने एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या वाकई में हमारे देश में संविधान जिंदा है। आपको बता दे कि मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कथित गोरक्षकों द्वारा एक महिला समेत तीन लोगों को बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गोरक्षकों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की पिटाई हुई है उसके पास गोमांस था। बता दें कि यह घटना बुधवार की है। घटनास्थल पर पुलिस के आने के बाद कथित तौर पर गोमांस को कब्जे में ले लिया गया और इसे ले जा रहे तीनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया गया है।  

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब गुरुवार को कथित गोमांस ले जाने वालों की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस के अनुसार जेल में बंद एक आरोपी की बहन ने पिटाई करने वालों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जिसके बाद पुलिस ने पिटाई करने वाले आरोपियों में शुभम बघेल समेत 5 लोगों को हिरासत में लेकर रिमांड पर भेज दिया।

सिवनी थाना प्रभारी के अनुसार, ''मारपीट करने के मामले में मुख्य आरोपी शुभम बघेल आपराधिक छवि का है। बघेल पर एकबार पुलिस ने जिला बदर की कार्यवाही भी की है।''  जिसपर आरोपी ने कोर्ट से स्टे ले रखा है।

मध्य प्रदेश के इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो भी व्यक्ति कानून को हाथ में ले उसपर कार्रवाई होनी चाहिए।

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