Breaking News
  • आज होंगे लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव
  • चमकी बुखार को लेकर झारखंड और मध्य प्रदेश में अलर्ट, बिहार में मरनेवालों की संख्या 119 पार
  • WC 2019 : आज बर्मिंघम में भिड़ेंगे NZ और SA
  • 49 के हुए कांग्रेस के लाड़ले राहुल, पीएम मोदी ने दी बधाई

भयंकर हार से सदमे में लालू, कभी भी आ सकती है ‘बुरी खबर’

नई दिल्ली: 23 मई को आए लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों के बाद बीते करीब सवा महीने से जारी चुनावी चर्चाओं का शोर धीरे-धीरे थम रहा है। जीतने वाली पार्टियां जश्न मनाकर सरकार बनाने की कवायद में जुटी हैं, तो हारने वाली पार्टियों की बुनियाद हिल गई है। विपक्षी दलों ने जिसकी कल्पना भी नहीं की थी, मोदी की सुनामी में उससे भी बड़ी हार मिली है। लिहाजा चुनावी नतीजों के आने के साथ ही हारे हुए खेमे में चिंतन और मंथन का दौर जारी है।

हालांकि जीत के बाद जश्न और हार के बाद चिंतन की बात उतनी हैरान नहीं करती, जितना की लालू यादव का ये ‘संकल्प’ हैरान कर रहा है। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार की जनता ने राज्य की 40 में से 39 सीटें एनडीए को झोली में डाल दी। जिसके दम पर भाजपा का भगवा प्रचंड बहुमत से दिल्ली में फहरा रहा है। वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी और बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेकने के इरादे से बने महागठबंध का सुपड़ा साफ हो गया। जिसके कारण पूरे विरोधी खेमे में खलबली मची है।

राजनीति के दंगल के सबसे पैतरेबाज पहलवान कहे जाने वाले लालू परिवार को जनता ने तनिक भी तवज्जो नहीं दिया। लालू की गैर-मौजूदगी में पार्टी की कमान संभाल रहे युवा तेजस्वी यादव के सारे नारे, सभी वादे, मोदी-मोदी के शोर में गुम गए। पार्टी की इतनी बड़ी हार ने पहले से बेचैन लालू याजव की बेचैनी और भी बढ़ा दी है। खबरों की माने तो भयंकर हार से आहत लालू यादव ने अन्न का त्याग  कर दिया है। जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है।

बता दें कि चारा घोटाले के कई ममाले में दोषी करार दिए गए आरजेडी प्रमुख लालू यादव फिहाल जेल की सजा काट रहे हैं। ढलती उम्र में होने वाली बीमारियों से परेशान लालू यादव को फिलहाल रांची के RIMS अस्पताल में रखा गया है। जहां के डॉक्टर उमेश प्रसाद ने बताया कि लालू की दिनचर्या बेतरतीब हो गई है। बीते दो-तीन दिनों से लालू सुबह में किसी तरह नाश्ता तो कर लेते हैं, लेकिन दोपहर का खाना नहीं खा रहे। सुबह में नाश्ता के बाद सीधे लालू रात में खाना खाते हैं। जिसके कारण उन्हें इंसुलिन देने में परेशानी हो रही है।

वहीं सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि पहले से बीमार चल रहे लालू यादव को चुनाव में एक भी सीट नहीं मिलने का गहरा मलाल हुआ है। उनकी तबीयत काफी खराब है। दोपर का खना न खाने को लेकर कहा जा रहा है कि उन्हें भूख ही नहीं लग रहा। खाना खाने का जी नहीं करता। गौर हो कि किसी भी बीमार इंसान के साथ ऐसा तब होता है जब वो अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर होता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि लालू यादव में जीवन के अंतिम पायदान पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

loading...